मंदिर का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है सरससलिला पतित पावनी माँ सरयू के पावन तट पर अवस्थित बैष्णव पीठ का इतिहास लगभग 300 वर्षो का है जिसका निर्माण ब्रम्हलीन परमपूज्य संत बाबा रघुनाथ दास (आयुर्बेदाचार्य) के कर कमलो से हुआ था।मंदिर का प्रथम जीर्णोद्धार इनके शिष्य महंत बाबा रामजी दास (बी.ए. एम्.एस.) द्वारा हुआ।पुनः मंदिर का जीर्णोद्धार और वर्तमान स्वरूप बाबा रामजी दास ने आपार जनसहयोग से कराया।वर्तमान में पीठ के उत्तराधिकारी श्रीश दास जी को नित धार्मिक सामाजिक आयोजन करके गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ा रहे है।दरसल मंदिर अपने स्थापना काल से क्षेत्र की जनता हेतु केवल आस्था ,विस्वास व् आंतरिक ऊर्जा का ही श्रोत नही रहा बल्कि मंदिर चिकित्सा व पशु सेवा का माध्यम बना कर क्षेत्रीय लोगो का उत्तथान का मार्ग प्रशस्त करता रहा है।इस तपोस्थली की स्थापना करने वाले बाबा रामफल दास ने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी की स्थापना की।कुछ वर्ष पूर्व यहाँ आये प्रसिद्ध कथा वाचक कौशल जी महाराज जी ने भी मंदिर में स्थित हनुमान जी की परम्सत्ता को स्वीकारे।

मदरिया मेला

मदरिया मेला – 23-10-2018
समय  दोपहर –  12:00 PM
स्थान – ग्राम-मदरिया,
पोस्ट-मदरिया
जिला -गोरखपुर
पिन कोड -273402

भरत मिलाप – 24-10-2018
समय- सायंकाल-  6:00 PM
स्थान – ग्राम-मदरिया,
पोस्ट-मदरिया
जिला -गोरखपुर
पिन कोड -273402


अध्यक्ष – संदीप सिंह मदरिया
कोशा अध्यक्ष –  नीरज सिंह  मदरिया
समारोह  संरक्षक  समूह -नव युक मंगल दाल मदरिया