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बाबा रघुनाथ दास महाराज

परमादरणीय ब्रह्मलीन संत सिरोमणी

यह मंदिर अपने स्थापना काल से ही क्षेत्र की पीङित मानवता उद्धार के लिए आस्था विस्वाश व आंतरिक ऊर्जा का ही क्षेत्र का केंद्र  रहा चिकित्सा व पशु सेवा के माध्यम बना के क्षेत्रीय लोगो के उथान का मार्ग प्रसस्थ इस तपोस्थि की स्थापना करने वाले बाबा रामफल दास ने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमान गणि की स्थापना की इनके शिष्य ब्रह्मलीन संत बाबा रघुनाथ दास ने अपनी तपस्या व चिकित्सा सेवा के बल पर मंदिर को धर्मिकता साथ समाजिक के साथ सामाजिक सेवा केंद्र बना  दिया

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परमादरणीय महंथ

बाबा रामदास महाराज

मंदिर विकास में महान भूमिका निभाया मंदिर परम्परा का निर्वाहन करते हुऐ बिभिनन झझवाते वर्तमान महंथ बाबा रामजी दास तपश्या और चिकित्सा को ही मार्ग चुना और इन्होने मंदिर के धार्मिक सांस्कृतिक व सामाजिक विकास के विस्वाश का उत्तरोत्तर प्रयास किया इस जीवनं पुरातन मंदिर के पुरातन मंदिर के जीवनद्वार की महान कार्य क्षेत्रीय जनता एक धर्मप्रेमी बंदौआ धारणा का चूका है इस नवनिर्मित मंदिर व सत्संग भवन के प्रवेश अवसर

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मदरिया मंदिर

भारतवर्ष उत्तर प्रदेश  गोरखपुर जनपद के दक्षिण जीवन
दमिनी सरयू नदी के पावन तट पर 200 साल पुराना  स्थित है
ग्राम-मदरिया, पोस्ट-मदरिया जिला -गोरखपुर
पिन कोड -273402

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मंदिर का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है सरससलिला पतित पावनी माँ सरयू के पावन तट पर अवस्थित बैष्णव पीठ का इतिहास लगभग 200 वर्षो का है जिसका निर्माण ब्रम्हलीन परमपूज्य संत बाबा रघुनाथ दास (आयुर्बेदाचार्य) के कर कमलो से हुआ था।मंदिर का प्रथम जीर्णोद्धार इनके शिष्य महंत बाबा रामजी दास (बी.ए. एम्.एस.) द्वारा हुआ।पुनः मंदिर का जीर्णोद्धार और वर्तमान स्वरूप बाबा रामजी दास ने आपार जनसहयोग से कराया।वर्तमान में पीठ के उत्तराधिकारी श्रीश दास जी को नित धार्मिक सामाजिक आयोजन करके गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ा रहे है।दरसल मंदिर अपने स्थापना काल से क्षेत्र की जनता हेतु केवल आस्था ,विस्वास व् आंतरिक ऊर्जा का ही श्रोत नही रहा बल्कि मंदिर चिकित्सा व पशु सेवा का माध्यम बना कर क्षेत्रीय लोगो का उत्तथान का मार्ग प्रशस्त करता रहा है।इस तपोस्थली की स्थापना करने वाले बाबा रामफल दास ने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी की स्थापना की।कुछ वर्ष पूर्व यहाँ आये प्रसिद्ध कथा वाचक कौशल जी महाराज जी ने भी मंदिर में स्थित हनुमान जी की परम्सत्ता को स्वीकारे। 

उत्तराधिकारी महंथ
महाराज श्रीश दास जी

यज्ञशाला ( मंदिर परिसर )

श्री श्री महाविणु यज्ञ एव श्री राम कथा अमृत वर्षा का आयोजन किया गया तिथि ०१ मार्च से ०८ मार्च २०१४

                                        -:- यज्ञ कार्य
प० डा० अजय हरे शुक्ल
सदस्य अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कथा वाचक

पराम् पूज्य सेत प्रवर मानस मर्यज्ञ श्री श्री कौशल जी महाराज वृन्दावन वाले एव राम के लीलाओ के सजीवन दरसन हेतु श्री आदर्श रामलीला मंडल अयोध्या जी ऊ० प्र०

पूज्य सेत प्रवर मानस मर्यज्ञ
श्री श्री कौशल जी महाराज
श्री आदर्श रामलीला मंडल अयोध्या जी ऊ० प्र०

मदरिया मंदिर

भारत वर्ष उत्तर प्रदेश  गोरखपुर जनपद के दक्षिण जीवन दमिनी सरयू नदी के पावन तट पर 200 साल पुराना है मदरिया मंदिर का गोरमयी धार्मिक इतिहास है यह मंदिर अपने स्थापना कल से ही क्षेत्र की पीङित मानवता उद्धार के लिए आस्था विस्वाश व आंतरिक ऊर्जा का ही क्षेत्र का केंद्र नहीं रहा चिकित्सा व पशू सेवा के माध्यम बना के क्षेत्रीय लोगो के उथान का मार्ग प्रसस्थ इस तपोस्थि की अस्थापना करने वाले बाबा रामफल दास ने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमान गणि की अस्थापना की इनके शिष्य ब्रमलीन संत बाबा रघुनाथ दास ने अपनी तपस्या व चिकित्सा सेवा के बल पर मंदिर को धर्मिकता साथ समाजिक के साथ सामाजिक सेवा केंद्र बना  दिया और  मंदिर विकास में महान भूमिका निभाया मंदिर परम्परा का निर्वाहन करते हुऐ बिभिनन झझवाते वर्तमान महंथ बाबा रामजी दास तपश्या और चिकित्सा को ही मार्ग चुना और इन्होने मंदिर के धार्मिक सांस्कृतिक व सामाजिक विकास के विस्वाश का उत्तरोत्तर प्रयास किया इस जीवनं पुरातन मंदिर के पुरातन मंदिर के जीवनद्वार की महान कार्य क्षेत्रीय जनता एक धर्मप्रेमी बंदौआ धारणा का चूका है इस नवनिर्मित मंदिर व सत्संग भवन के प्रवेश अवसर

स्मृति